योग दर्शन

वेदों में योग विद्या

वेदों में योग का स्वरूप

वेदों में योग का स्वरूप
    वेद सर्व सत्य विद्याओं की पुस्तक है। मानवीय जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान वेद में निबद्ध है। यह मान्यता सर्ववदित है। सब सत्य विद्याओं में प्रमुख रूपेण ब्रह्मविद्या आध्यात्मविद्या है, यह भी सर्वमत है। अतः स्पष्ट है कि वेद का ब्रह्मविद्या अर्थात योग-विद्या से घनिष्ठ सम्बन्ध हैै।

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