योग दर्शन

 नाभि चक्र क्या है

 नाभि चक्र क्या है

    हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा रचित प्राचीन विज्ञानुसार हमारे शरीर में ७ चक्र स्थित हैं, "नाभि चक्र" हमारा तीसरा चक्र है
     निम्नलिखित कारणों से यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण चक्र है: 1.      हमारे शरीर का केंद्र है और हमारी पूरी ऊर्जा को नियंत्रित करता है इसलिए इसे Solar Plexus या सूर्य चक्र भी कहा जाता है
 2.      माँ के गर्भ में शिशु निर्माण क्रम में सबसे पहले नाभि चक्र बनता है इसलिए आयुर्वेदानुसार लगभग ७२,८६४ नाड़ियों का शुरूआती स्थल है 3.      हमारे शरीर के सभी अंग-प्रत्यंगों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है
 

ज्ञान मुद्रा कैसे करे

अंगूठे एवं तर्जनी अंगुली के स्पर्श से जो मुद्रा बनती है उसे ज्ञान मुद्रा कहते हैं |

विधि :

——-
1. पदमासन या सुखासन में बैठ जाएँ |
2. अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रख लें तथा अंगूठे के पास वाली अंगुली (तर्जनी) के उपर के पोर को अंगूठे के ऊपर वाले पोर से स्पर्श कराएँ |
3. हाँथ की बाकि अंगुलिया सीधी व एक साथ मिलाकर रखें |
सावधानियां :

Pages