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योग से पायें स्वस्थ घुटने

  घुटना दर्द

  घुटना दर्द के कारण          

ज्यादा चलने-फिरने, सीढ़ियां ज्यादा चढ़ने, ज्यादा सैर करने या दौड़ने, वज़न उठाने, गलत व्यायाम करने, शरीर का वजन बढ़ने, किसी भी तरह से घुटनों का ज्यादा प्रयोग करने आदि से कई बार घुटनों के जोड़ों में स्थित काटिर्लेज का क्षय होने लगता है। हड्डियां आपस में जुड़ने व टेढ़ी होने लगती हैं। घिसा हुआ काटिर्लेज घुटने के जोड़ के अंदर की ओर अथवा बाहर की ओर दर्द पैदा कर सकता है। झटका लगना अथवा मोच- अचानक अथवा अप्राकृतिक ढंग से मुड़ जाने के कारण लिगमेंट में मामूली चोट व जोड़ में इंनफेक्शन व यूरिक ऐसिड की अधिक मात्रा आदि दर्द के कारण होते हैं।

योग से बढ़ाये सेक्स क्षमता

सेक्स पावर योग

योग शरीर के हर अंग को स्वस्थ रखने वाला अद्भुत विज्ञान है। नियमित योग करने से जटिल से जटिल शारीरिक समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। मन और तन दोनों को स्वस्थ रखने वाला योग आपके यौन जीवन को भी बेहतर रखने में आपकी मदद करता है। किसी बीमारी या फिर खराब जीवनशैली की वजह से यदि आपके यौन जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या है तो योग के माध्यम से आप उस समस्या से पूर्णतः छुटकारा पा सकते हैं। आज हम आपको योग के कुछ उन आसनों के बारे में बताएंगे जो आपके यौन जीवन को सुखी बनाने में आपकी मदद कर सकती हैं।

बुढ़ापे में याददाश्त कम होने से से बचाता है योग

बुढ़ापे में याददाश्त कम होने से से  बचाता है योग

            बुढ़ापे में याददाश्त कम होने से से  बचाता है योग  योग करना मस्तिष्क की संरचना में बदलाव ला सकता है और बुढ़ापे में याददाश्त कम होने जैसी समस्या से बचाता है। हाल में किए गए एक शोध में जब लंबे समय से योग का अभ्यास करने वाली बुजुर्ग महिलाओं के मस्तिष्क का आकलन किया तो वैज्ञानिकों ने पाया कि इनके मस्तिष्क के बाएं प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में कॉर्टिकल ज्यादा मोटा है,  यह ध्यान और स्मृति जैसी संज्ञानात्मक चेतनाओं से जुड़ा होता है।

योग से होगा कई बीमारियो का इलाज

योग से होगा कई बीमारियो का इलाज

कई ऐसी असाध्य बीमारियां हैं जिनका इलाज योग द्वारा संभव है लेकिन योग क्रिया का पूरा फायदा मिले इसके लिए जरूरी है कि योग सही तरीके से किया जाए। योग को दुनियाभर में मठहूर करने केलिए ही 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

इस मौके पर लाइफ और योग गुरु सुरक्षित गोस्वामी जी ने कुछ खास टिप्स दिए हैं। इनकी मदद से आप भी योग का पूरा फायदा ले सकते हैं। 
सुबह-शाम कभी भी आसन कर सकते हैं लेकिन भरपेट खाना खाने के 3-4 घंटे बाद, हल्के स्नैक्स के घंटे भर बाद, चाय, छाछ या तरल चीजें लेने के आधे घंटे बाद और पानी पीने के 10-15 मिनट बाद आसन करना बेहतर रहता है।

हृदय की बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज

हृदय की बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज

 भारत मे 3000 साल एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे उनका नाम था महाऋषि वागवट जी !! उन्होने एक पुस्तक लिखी थी जिसका नाम है अष्टांग हृदयम!!(Astang  hrudayam)

नाभि खिसकना एवं योग चिकित्सा

नाभि खिसकना एवं योग चिकित्सा

नाभि खिसकना या धरण जाना आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचार पद्धति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नाभि को मानव शरीर का केंद्र माना जाता
है। नाभि स्थान से शरीर की बहत्तर हजार नाड़ियों जुड़ी होती है। यदि नाभि अपने स्थान से खिसक जाती है तो शरीर में कई प्रकार की समस्या
पैदा हो सकती है। ये समस्या किसी भी प्रकार दवा लेने से ठीक नहीं होती। इसका इलाज नाभि को पुनः अपने स्थान पर लाने से ही होता है।
आधुनिक चिकित्सा पद्धति में इसे नहीं माना जाता है। परंतु आज भी इस पद्धति से हजारों लोग ठीक होकर लाभ प्राप्त कर रहे है।

मोटापा से निजात पाने के उपाय

सुंदर और सुडौल शरीर

मोटापा से निजात पाने के उपाय 

सुंदर और सुडौल शरीर की चाहत किसे नही होती। शरीर छरहरा बना रहे ये हर कोई चाहता है, लेकिन प्रयास नही करता। कुछ नायाब नुस्‍खे है जिन्‍हें हम नित्‍य प्रयोग मे लाकर शरीर को सुडौल व छरहरा बनाये रख सकते है।

एक कप पानी में एक नींबू का रस एवं एक चम्‍मच शहद मिलाकर पीएं। इससे शरीर की अनावश्‍यक चर्बी घटती है। नींबू कैलोरी को जलाने में मदद करता है।

 मोटापा से निजात पाने के लिए ,नीम के पतों को घी में पकाकर चबाना चाहिए।