भारत में योग: आदि युग से मोदी युग तक

भारत में योग: आदि युग से मोदी युग तक

भारत में योग: आदि युग से मोदी युग तक भारत में योग की परंपरा उतनी ही पुरानी है जितनी कि भारतीय संस्कृति। किसी न किसी रूप में इसके साक्ष्य पूर्व वैदिक काल और हड़प्पा-मोहनजोदड़ो की सभ्यताओं से भी पहले से ही मौजूद रहे हैं। सालों में गिना जाय तो इसका इतिहास 10 हजार साल से भी पुराना बताया जाता है। यूं समझ लीजिए की भारतीय जीवन में योग की साधना हर काल में होती आई है। प्राचीन ग्रंथों के अनुसार योग जीवन को अच्छे ढंग से जीने का विज्ञान है। ये संस्‍कृत के शब्‍द ‘युज’ से बना है, जिसका अर्थ है मिलन, अर्थात् मानवीय चेतना या आत्मीय चेतना का सार्वभौमिक चेतना के साथ सामंजस्य। उस युग में हमारे ऋषि-मुनियों ने

योग दिवस को जन आन्दोलन बनाये,प्रशासन करेगा सहयोग - योगी जी

योग दिवस को जन आन्दोलन बनाये - योगी जी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को जन आंदोलन बनाने का आहवान करते हुए कहा कि तमाम फायदों की वजह से दुनिया योग की इस प्राचीन भारतीय विधा के पीछे भाग रही है। योगी ने गोरक्षपीठ में आयोजित योग प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करते हुए कहा कि जब आगामी 21 जून को देश के अलग-अलग क्षेत्रों में करोड़ों लोग योग के साथ खुद को जोड़ेंगे उस वक्त दुनिया के करीब 200 देश भी भारत की इस योग परंपरा से जुड़ते दिखाई देंगे। इस वर्ष यह उत्तर प्रदेश के लिए विशेष सौभाग्य का अवसर है कि खुद प्रधानमंत्री मोदी योग दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सहभागी बन रहे हैं। उन

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